सरकारी नौकरी दिलाती है आपकी जन्म कुण्डली में उपस्थित ग्रहों की विशेष शुभ स्थितियां

꧁❀“ॐ हरि हर नमो नमःॐ”❀꧂

सरकारी नौकरी के लिए जन्म कुण्डली में उपस्थित ग्रहों की अहम भुमिका

ज्योतिष के अनुसार, सरकारी नौकरी के लिए सूर्य, चंद्रमा, मंगल, बृहस्पति, और शनि जैसे ग्रह ज़िम्मेदार होते हैं, इन ग्रहों की स्थिति के आधार पर सरकारी नौकरी मिलती है।

कुंडली के दशम भाव में सूर्य, मंगल, और बृहस्पति का योग होना चाहिए, दशम भाव में शनि ग्रह का होना भी अच्छा माना जाता है, सूर्य और शनि की युति होना भी सरकारी नौकरी के लिए अच्छा माना जाता है।

सूर्य और बृहस्पति का शुभ योग यदि शुभ भाव में बना हो तो सरकारी नौकरी में उच्च पद मिलता है, बुध ग्रह शिक्षा, बुद्धि और संचार का प्रतीक है, गुरु ज्ञान, शिक्षा और अवसरों का ग्रह है।

सरकारी नौकरी के लिए कुंडली में सूर्य की भूमिका

सूर्य को ग्रहों का राजा माना जाता है और यह सरकारी नौकरी के लिए महत्वपूर्ण है। यदि जन्मकुंडली के लग्न व दशम भाव में सूर्य का प्रभुत्व हो तो व्यक्ति राजनेता या राजपत्रित अधिकारी और मंगल का प्रभुत्व हो तो व्यक्ति के पुलिस या सेना के उच्च पद पर आसीन होने के संकेत मिलते हैं।

कुंडली में सूर्य ग्रह केतु से पीड़ित होता है तो सरकारी नौकरी प्राप्त होने में रूकावट रहती है सरकार से लाभ प्राप्त होने में रूकावट रहती है। इसलिए सूर्य केतु की युति का कुंडली में होना अच्छा नहीं माना जाता है।

अधिकतर उच्च पदों पर कार्यरत लोगों की कुंडली में बुध आदित्य योग अवश्य होता है।

कुंडली में सूर्य दशम या ग्यारहवें भाव में मजबूत स्थिति में हो या पांच महायोगों में से कोई दो विद्यमान हों, तो सरकारी नौकरी मिलने की संभावना प्रबल हो जाती है।

सरकारी नौकरी के लिए कुंडली में मंगल की भूमिका

सरकारी नौकरी के लिए मंगल ग्रह की भूमिका काफी महत्वपूर्ण मानी जाती है। ज्योतिष के अनुसार, मंगल ग्रह साहस, ऊर्जा, और आत्मविश्वास का प्रतीक है। कुंडली में मंगल की मजबूत स्थिति सरकारी नौकरी में सफलता के योग बनाती है। दशम भाव में मंगल का होना भी सरकारी नौकरी के लिए शुभ माना जाता है।

सरकारी नौकरी के लिए कुंडली में शनि की भूमिका

ज्योतिष शास्त्र के अनुसार सरकारी नौकरी दिलवाने में शनि की अहम भूमिका होती है। क्योंकि कर्म का कारक भी शनि है।
शनि भी सरकारी नौकरी से जोड़ा जाता है, यदि वह लग्न या दशम भाव में स्थित हो। तथा शनि की कुछ स्थितियों में सरकारी नौकरी मिलने की संभावना अधिक होती है। यदि कुंडली में शनि मजबूत स्थिति में है, दशम भाव का स्वामी मजबूत हो, और शनि का संबंध सूर्य, चंद्रमा, मंगल, गुरु, बुध या शुक्र से शुभ रूप से हो, तो सरकारी नौकरी के योग प्रबल होते हैं। यदि कुंडली में शनि और दशम भाव का स्वामी दोनों ही मजबूत स्थिति में हों, तो भी सरकारी नौकरी के योग प्रबल होते हैं।

सरकारी नौकरी के लिए कुंडली में गुरु की भूमिका

गुरु का मजबूत होना भी सरकारी नौकरी के लिए शुभ माना जाता है। तथा कुंडली में सूर्य, गुरु या चन्द्रमा एक साथ हों तो सरकारी नौकरी के लिए अच्छे योग बन जाते हैं। गुरु का प्रभाव यश एवं कीर्ति तथा शुभ कर्म वाले लोगों पर देखा जाता है। बृहस्पति को ज्ञान और विद्या का ग्रह माना जाता है. अगर बृहस्पति कुंडली में उच्च स्थान पर स्थित होता है, तो यह सरकारी क्षेत्र में सफलता और समृद्धि का संकेत देता है।

सरकारी नौकरी के लिए कुंडली में सूर्य, शनि और गुरु का संबंध

यदि ये तीनों ग्रह कुंडली में एक दूसरे से अच्छे संबंध बनाते हैं, जैसे कि केंद्र या त्रिकोण में स्थित हों, तो सरकारी नौकरी मिलने की संभावना बढ़ जाती है।

सरकारी नौकरी के लिए कुंडली में कुंडली में दशम भाव की भूमिका

दसवें भाव से कार्यक्षेत्र का विचार किया जाता है। सरकारी नौकरी के योग को देखने के लिए इसी घर का आंकलन किया जाता है। दशम स्थान में अगर सूर्य, मंगल या बृहस्पति की दृष्टि पड़ रही होती है तो सरकारी नौकरी का प्रबल योग बन जाता है।

कभी-कभी यह भी देखने में आता है कि जातक की कुंडली में दशम में तो यह ग्रह होते हैं लेकिन फिर भी जातक को संघर्ष करना पड़ रहा होता है तो ऐसे में यदि सूर्य, मंगल या बृहस्पति पर किसी पाप ग्रह (अशुभ ग्रह) की दृष्टि पड़ रही होती है तब जातक को सरकारी नौकरी प्राप्ति में दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। अतः यह जरूरी है कि आपके यह ग्रह पाप ग्रहों से बचे हुए रहें।

शनि इस भाव में उच्च, मूल त्रिकोण या अपनी राशि में हो, तो उच्च स्तर की नौकरी मिलने के योग बनते हैं। इसके अलावा शनि की तीन दृष्टियों में से कोई भी दृष्टि नौकरी के भाव पर पड़े, तो यह जातकों को निम्न स्तर की नौकरी करवाकर बाद में तरक्की दिला सकती है।

कुंडली में दसवें घर के बलवान होने से तथा इस घर पर एक या एक से अधिक शुभ ग्रहों का प्रभाव होने से जातक को अपने करियर क्षेत्र में बड़ी सफलताएं मिलतीं हैं तथा इस घर पर एक या एक से अधिक बुरे ग्रहों का प्रभाव होने से कुंडली धारक को आम तौर पर अपने करियर क्षेत्र में अधिक सफलता नहीं मिल पाती है।

सरकारी नौकरी के लिए कुंडली में लग्न एवं केन्द्र की भूमिका

यदि जातक का लग्न मेष, मिथुन, सिंह, वृश्चिक, वृष या तुला है तो ऐसे में शनि ग्रह और बृहस्पति का एक-दूसरे से केंद्र या त्रिकोण में होना, सरकारी नौकरी प्राप्ति की संभावना बढा देते हैं।

केंद्र में यदि चन्द्रमा, बृहस्पति एक साथ हों अथवा चन्द्रमा और मंगल केन्द्रस्थ हों तो सरकारी नौकरी की संभावनायें बढ़ जाती हैं।

सरकारी नौकरी के लिए कुंडली में लग्नेश और कर्मेश की भूमिका

जन्म कुंडली में लग्न का स्वामी बलवान होकर दशम भाव में बैठे या दशम भाव में सभी शुभ ग्रह हों और दशम भाव का स्वामी बली होकर अपनी या अपनी मित्र राशि में होकर केंद्र या त्रिकोण में हो तो व्यक्ति दीर्घायु होता है और उसका भाग्य राजा के समान होता है। ऐसा व्यक्ति प्रशासनिक सेवा में जाता है।

सरकारी नौकरी के लिए हस्तरेखा विज्ञान की भूमिका

हाथ में सूर्य की दोहरी रेखा हो और बृहस्पति के पर्वत पर क्राॅस हो तो व्यक्ति को सरकारी नौकरी करने का अवसर मिलता है।

जिस व्यक्ति के हाथ में भाग्य रेखा जीवन रेखा को काटते हुए गुरू पर्वत और शनि पर्वत के बीच से जाती है, उन लोगों के भाग्य में सरकारी नौकरी होती है, बशर्ते यह यह रेखा बिलकुल साफ होनी चाहिए और यह रेखा बीच में से कहीं से भी कटी नहीं होनी चाहिए।

सरकारी नौकरी की संभावना कम होने के प्रमुख कारण

षष्ठम, दशम या एकादश भाव का स्वामी कमजोर होने पर सरकारी नौकरी की संभावना कम हो जाती है।

भाग्य में सरकारी नौकरी का कैसे पता करें ?

सरकारी नौकरी मिलेगी या नहीं, यह स्थिति जन्म कुंडली का विश्लेषण करके ही निश्चित की जा सकती है, कि व्यक्ति किस नौकरी में या किस व्यापार में सफल होगा।

सरकारी-नौकरी-पाने-के-लिए-अमोघ-प्रयोग-वैदिक-अनुष्ठान-215x300 सरकारी नौकरी दिलाती है आपकी जन्म कुण्डली में उपस्थित ग्रहों की विशेष शुभ स्थितियां

सरकारी नौकरी के लिए वैदिक उपाय एवं अनुष्ठान

ज्योतिष के अनुसार सरकारी नौकरी में सफलता के लिए उपयुक्त ज्योतिषीय उपाय भी उपलब्ध हैं। जातक की कुंडली का पूरा आंकलन करने के बाद ही उपायों को सुझाया जा सकता है। जो शुभ ग्रह कमजोर हैं उन्हें बलवान बनाकर और अशुभ ग्रहों को शांत कर, इस तरह की समस्याओं का अंत किया जा सकता है। जन्म कुण्डली विश्लेषण के लिए आप हमें 07089434899 पर संपर्क कर सकते हैं।

भगवान श्री गणेश, माँ सरस्वती, भगवान शिव, भगवान विष्णु, सूर्यादि देवी-देवताओं को ज्ञान, बुद्धि, और सफलता का प्रतीक माना जाता है, जिनके विशेष अमोघ प्रयोग करने से आपको सरकारी नौकरी प्राप्त करने में सहायता मिल सकती है।

॥ श्रीरस्तु ॥
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श्री हरि हरात्मक देवें सदा, मुद मंगलमय हर्ष।
सुखी रहे परिवार संग, अपना भारतवर्ष॥
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┉ संकलनकर्ता ┉
श्रद्धेय पंडित विश्‍वनाथ प्रसाद द्विवेदी
‘सनातनी ज्योतिर्विद’
संस्थापक, अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक
(‘हरि हर हरात्मक’ ज्योतिष)
संपर्क सूत्र – 07089434899
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Pandit Vishwanath Dwivedi is active, expressive, social, interested in many things. Pandit Vishwanath Dwivedi has more than 8 years of executive experience in the field of Astrology.

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