सोलह सोमवार व्रत के उद्यापन की पूजन हवन सामग्री

सोलह सोमवार व्रत के उद्यापन की पूजन हवन सामग्री

• कुशा
• कुंकुम
• अबीर
• गुलाल
• हल्दी पाउडर
• सिंदूर
• अष्टगन्ध
• मेंहदी
• गोपी चन्दन
• लोंग – ५० ग्राम
• इलायची – ५० ग्राम
• गोल सुपारी बड़ी – ५०० ग्राम
• खडी हल्दी – २५० ग्राम
• बादाम खड़ी – २५० ग्राम
• खारक – २५० ग्राम
• पंचमेवा – २५० ग्राम
• कलावा (पचरंगी धागा) – १
• जनेऊ – १०
• श्रीफल (नरियल) – ५
• गरी गोला – १
• धूपबत्ती – १ पैकट
• रुई बत्ती – १ पैकट
• कर्पूर भीमसेनी देशी – २५० ग्राम
• काला तिल – ५०० ग्राम
• जौ – २५० ग्राम
• हवन सामग्री – १०० ग्राम
• अगर-तगर – ५० ग्राम
• छार-छबीला – ५० ग्राम
• जटामांसी – २५ ग्राम
• नागरमोथा- २५ ग्राम
• कर्पूरकातरी – २५ ग्राम
• गिलोय – २५ ग्राम
• नागकेसर – २५ ग्राम
• मजीठा – २५ ग्राम
• इन्द्रजौ – २५ ग्राम
• भोजपत्र – २
• जायफल – २
• गुग्गल – ५० ग्राम
• कमलगट्टे – ५० ग्राम
• सूखा बेलफल हवन के लिए – १०० ग्राम
• गाय का घी – १ किलोग्राम
• गुड पाउडर अथवा शक्कर – ५०० ग्राम 
• पीला सरसों – २० ग्राम
• इत्र – १ शीशी
• गंगाजल – १ शीशी
• शहद – १ शीशी
• दाल मसूर – २५० ग्राम
• दाल चना – २५० ग्राम
• खडी मूंग – २५० ग्राम
• खडी उड़द – २५० ग्राम
• गेंहू – सवा किलोग्राम
• चावल – १ किग्रा
• सप्तधान्य १०० ग्राम – (जौ, धान, तिल, कंगनी, मूंग, चना, उड़द )
• लाल, पीला, सफेद कपड़ा – १-१ मीटर
• कलश ताँबे के लोटे – ४
• पीतल की तपेली छोटी – १
• भांग – ५० ग्राम
• शिव मूर्ति चाँदी की धातु में दान में जाएगी (शिवलिंग, त्रिशूल, डमरू, बिल्वपत्र)
• पार्वती जी का श्रृंगार – (साड़ी, ब्लाउज, चाँदी की पायल या बिछिया, ऐनक, कंघी, तैल, पाउडर, बिन्दी, मेंहदी आदि)
• सरसों का तेल शीशी – १०० ग्राम
• चमेली का तेल शीशी – १०० ग्राम
• आँवला का तेल शीशी – १०० ग्राम
• मिट्टी के दीपक – २
• मिट्टी का छोटा कलश – १
• ब्राह्मण वस्त्र – (धोती, कुर्ता, गमछा)
• नवग्रह समिधा – १ पैकट
• हवन समिधा (आम की लकड़ी) – ५ किलोग्राम
• गाय के गोबर के उपले (कंडे)
• दूर्वा
• आकड़े के फूल
• धतूरफल
• धतूर के फूल
• विल्वपत्र
• बेल फल
• शमीपत्र
• तुलसी मंजरी
• पान के पत्ते – २०
• पञ्चपल्लव (आम, अशोक, बरगद, गुलर, पीपल के पत्ते)
• फल पांच प्रकार के – सेब, अनार, केला, पपीता, अमरूद
• मिठाई पाँच प्रकार की – १ किलोग्राम
• दूध – १ लीटर
• दही – १०० ग्राम

घरेलू व्यवस्था

• नैवेद्य के लिए – चावल की खीर, आटे की पंजीरी, हलुआ-पूरी आदि की व्यवस्था
• लकड़ी की चौकी (पाटा) – ५ (2×2 साइज की प्रत्येक चौकी)
• बैठने के लिए आसन की व्यवस्था
• हवनकुण्ड की व्यवस्था
• कैंची, चाकू की व्यवस्था
• शुद्ध जल की व्यवस्था इत्यादि….. ॥

ध्यातव्य तथ्य

→ पूजन में बैठने हेतू यजमान, प्रातःकालीन ब्रह्ममुहूर्त में जागरण करके दैनिक क्रियाओं से निवृत्त होकर, स्नान करके, भगवान सूर्यनारायण को अर्घ्य देवें।

→ यदि संभव हो तो, पूरा दिन व्रत-उपवास रखें, अन्यथा हवन-पूर्णाहूति तक व्रत रखकर पूर्णाहूति के पश्चात भोजन प्रसादी ग्रहण करके पारण करें।

→ पूजन के दिन ब्रह्मचर्य का पालन करें, सत्य का आचरण करें तथा सभी प्रकार के दुष्कृत्य (छल, दंभ, द्वेष, पाखण्ड, झूठ, काम, क्रोध, लोभ, मोह इत्यादि) से बचने का प्रयास करें।

॥ श्रीरस्तु ॥

श्री हरि हरात्मक देवें सदा, मुद मंगलमय हर्ष।
सुखी रहे परिवार संग, अपना भारतवर्ष ॥

शुभेच्छु –

पंडित विश्‍वनाथ द्विवेदी ‘सनातनी ज्योतिर्विद’
(हरि हर हरात्मक ज्योतिष)
संपर्क  सूत्र – 📞  07089434899 📲
website 🌐 www.hariharharatmak.com

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Pandit Vishwanath Dwivedi is active, expressive, social, interested in many things. Pandit Vishwanath Dwivedi has more than 8 years of executive experience in the field of Astrology.

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