श्री सत्यनारायण व्रत-कथा हवन-पूजन हेतु उपयोगी सामग्री सूची विवरण

श्री सत्यनारायण व्रत कथा पूजन हवन सामग्री

शिवाय विष्णुरूपाय शिवरूपाय विष्णवेः ।
शिवस्य हृदयं विष्णुर्विष्णोश्च हृदयं शिवः ॥

श्री सत्यनारायण भगवान जी की पूजा के लिए उनकी प्रतिमा अथवा श्री शालग्राम शिला, अथवा भगवान श्री विष्णु जी की प्रतिमा अथवा छायाचित्र होना परम आवश्यक है।

• कुंकुम, अबीर-गुलाल , हल्दी, सिंदूर, अष्टगन्ध, चन्दन
• गोल सुपारी बड़ी – २० नग
• बादाम – १६ नग
• खारक – १६ नग
• पंचमेवा – १०० ग्राम
• लोंग-इलायची – ५० ग्राम
• कलावा पचरंगी धागा – १
• जनेऊ – ५
• नरियल – २
• गरी गोला – १
• धूपबत्ती, रुई बत्ती, माचिस
• कर्पूर
• काला तिल – ५० ग्राम
• जौ – २५ ग्राम
• पञ्चाङ्ग हवन धूप – १०० ग्राम
• घी – ५०० ग्राम
• शक्कर २५० ग्राम
• पीली सरसों – १० ग्राम
• इत्र, गंगाजल, शहद
• दाल मसूर – ५० ग्राम
• दाल चना – ५० ग्राम
• साबुत उड़द – ५० ग्राम
• साबुत मूंग – ५० ग्राम
• गेंहू – सवा किलोग्राम
• चावल – ५०० ग्राम
• लाल वस्त्र एवं सफेद वस्त्र – १-१ मीटर
• कलश (ताँबे के लोटे) – २
• गुग्गुल – ५० ग्राम
• कमलगट्टे – ५० ग्राम
• मिट्टी के दीपक – ५
• फूल और फूलमालाएँ, दूर्वा
• फल एवं मिष्ठान्न
• दूध – १०० ग्राम
• दही (गाय का) – २५० ग्राम
• तुलसी के पत्ते
• केले के पत्ते – ४ नग
• पञ्चपल्लव (आम, अशोक, पीपल, बरगद, गूलर के पत्ते)
• पान के पत्ते – ५
• दोने (पत्तल) – १ पैकट
• हवन की समिधा (आम की लकड़ी) – २ किग्रा
• नवग्रह समिधा – १ पैकट

घरेलू व्यवस्था

• नैवेद्य के लिए – चावल की खीर, आटे की पंजीरी, हलुआ-पूरी आदि की व्यवस्था
• लकड़ी की चौकी (पाटा) – २
• बैठने के लिए आसन की व्यवस्था
• हवनकुण्ड की व्यवस्था
• कैंची, चाकू की व्यवस्था
• शुद्ध जल की व्यवस्था इत्यादि….. ॥

ध्यातव्य तथ्य

→ ब्राह्मण दक्षिणा – २५००/- रुपए

→ पूजन सामग्री सहित ब्राह्मण दक्षिणा – ५१००/- रुपए

→ पूजन में बैठने हेतू सपत्नीक यजमान, प्रातःकालीन ब्रह्ममुहूर्त में जागरण करके दैनिक क्रियाओं से निवृत्त होकर, स्नान करके, भगवान सूर्यनारायण को अर्घ्य देवें।

→ यदि संभव हो तो, पूरा दिन व्रत-उपवास रखें, अन्यथा हवन-पूर्णाहूति तक व्रत रखकर पूर्णाहूति के पश्चात भोजन प्रसादी ग्रहण करके पारण करें।

→ पूजन के दिन ब्रह्मचर्य का पालन करें, सत्य का आचरण करें तथा सभी प्रकार के दुष्कृत्य (छल, दंभ, द्वेष, पाखण्ड, झूठ, काम, क्रोध, लोभ, मोह इत्यादि) से बचने का प्रयास करें।

॥ श्रीरस्तु ॥

श्री हरि हरात्मक देवें सदा, मुद मंगलमय हर्ष।
सुखी रहे परिवार संग, अपना भारतवर्ष ॥

शुभेच्छु –

पंडित विश्‍वनाथ प्रसाद द्विवेदी ‘सनातनी ज्योतिर्विद’
(हरि हर हरात्मक ज्योतिष)
संपर्क  सूत्र – 📞  07089434899 📲
website 🌐 www.hariharharatmak.com

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Pandit Vishwanath Dwivedi is active, expressive, social, interested in many things. Pandit Vishwanath Dwivedi has more than 8 years of executive experience in the field of Astrology.

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