तेरहवीं उत्तम षोडशी, सपिण्डीकरण श्राद्ध पूजन सामग्री

तेरहवीं उत्तम षोडशी, सपिण्डीकरण श्राद्ध पूजन सामग्री

श्रीविष्णु जी की प्रतिमा (१) – स्वर्ण की
गौमाता (१) – रजत (चाँदी) की
श्रीयमराज (१) – रजत (चाँदी) की
श्रीचित्रगुप्त (१) – रजत (चाँदी) की
सीढी (१) – रजत (चाँदी) की
नौका (१) – रजत (चाँदी) की
स्वर्णमुद्रिका (१) – सोने का छल्ला अथवा अंगूठी (सामर्थ्यानुसार) आचार्य ब्राह्मण को दान में देने के लिए।
सुवर्णशलाकया (१) – सोने का अथवा चांदी की सींक (सपिण्डीकरण हेतु)
रजतचौकी (१) – सोने की अथवा चांदी की चौकोर चौकी (सपिण्डीकरण हेतु)

यजमान को पहनने के लिए १ सफेद धोती एवं सफेद गमछा एवं सफेद बनियान

कुंकुम, अबीर-गुलाल , हल्दी पाउडर, सिंदूर, अष्टगन्ध, सफेद चन्दन
• कुशा – २
• कुशा की पवित्री – ४
• कुशा की आसन – २
• कर्पूर (भीमसेनी) – १०० ग्राम
• पंचमेवा – २५० ग्राम
• धूपबत्ती चन्दन वाली – २ पैकट
• श्रीफल (नरियल) – २
• लोंग – ५० ग्राम
• इलायची – ५० ग्राम
• साबुत समूची बड़ी गोल सुपारी – ५० नग
• साबुत समूची हल्दी – १०० ग्राम
• कलावा (मौली) पचरंगी धागा – २
• जनेऊ – ५० नग
• माचिस – २
• रुईबत्ती गोल – १ पैकट
• गुग्गुल – १०० ग्राम
• दशाङ्ग हवन सामग्री – १०० ग्राम
• सफेद तिली – २०० ग्राम
• काली तिली – २०० ग्राम
• जौ – २५० ग्राम
• साबुत चावल – १ किलो ग्राम
• शहद – १०० ग्राम
• गंगाजल – १ शीशी
• गाय का घी – १ किलोग्राम
• तिल का तेल – १ लीटर
• गुड – ५०० ग्राम
• शक्कर – ५०० ग्राम
• पीली सरसों – २० ग्राम
• सफेद वस्त्र – २ मीटर
• ब्राह्मण वस्त्र – धोती कुर्ता गमछा
• सौभाग्य श्रंगार – साड़ी, ब्लाउज
• पांच बर्तन – थाली लोटा, गिलास कटोरी, चम्मच
• हवन समिधा (आम की लकड़ी) – २ किलोग्राम
• गोबर के उपले (कंडे)
• फल – १ किलो सेबफल
• मिठाई पांच प्रकार की – १ किलोग्राम
• फूल – सफेद रंग के
• फूलमालाएँ – २
• दूर्वा
• मिट्टी के कलश – २
• मिट्टी के बड़े दीपक – २
• मिट्टी के कुल्हड ३२-
• मिट्टी के दीपक – ३२
• पलाश के बड़े पत्ते – ३२
• आम के पत्ते – कलश के लिए
• पान के पत्ते – २० नग
• दोने पत्तल
• चाय के सबसे छोटे वाले डिस्पोजल गिलास
• दूध – दही

-: प्रेतशैय्या दान सामग्री :-

दरी, गद्दा, रजाई, बैडसीट, कंबल, तकिया, पलंग, चड्डी, बनियान, छाता, गुटान, जूता/चप्पल, बाल्टी, रस्सी, बडा पीतल अथवा स्टील का कलश, रसोई के उपयोगी बर्तन कढाई, तपेली, भगोनी, चम्मच, कटोरी, थाली, गिलास, लोटे, चाय छन्नी, बडी परात, गैसटंकी, गैसचूल्हा, पंखा, इस्त्री (प्रेस), दाढी बनाने वाली सामग्री, साबुन, शैम्पू, कंघी, ऐनक (आईना), मोजे, घड़ी, इत्र स्प्रे, धोती-कुर्ता, लालटेन, टार्च, इत्यादि सामर्थ्यानुसार।

-: घरेलु व्यवस्था :-

आटे की छोटी पूडी – २० नग
बेसन की छोटी पूडी – २० नग
उड़द के आटे की छोटी पूडी – २० नग
पायसम् (खीर) – १०० ग्राम चावल की

१३ ब्राह्मणों को भोजन के पश्चात दी जाने वाली पद-दान सामग्री :-

श्रीमद्भगवद्गीता की पुस्तक – १३
तुलसी माला – १३
गौमुखी – १३
सफेद चन्दन – १३
तांबे के लोटे – १३
जनेऊ – १३
बडी गोल सुपारी – १३
गमछे – १३
कुशा की आसन – १३

॥ श्रीरस्तु ॥

श्री हरि हरात्मक देवें सदा, मुद मंगलमय हर्ष।
सुखी रहे परिवार संग, अपना भारतवर्ष ॥

शुभेच्छु –

पंडित विश्‍वनाथ द्विवेदी ‘सनातनी ज्योतिर्विद’
(हरि हर हरात्मक ज्योतिष)
संपर्क सूत्र – 📞 07089434899 📲
website 🌐 www.hariharharatmak.com

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Pandit Vishwanath Dwivedi is active, expressive, social, interested in many things. Pandit Vishwanath Dwivedi has more than 8 years of executive experience in the field of Astrology.

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